एक रिसर्च में पता चला है कि, लाइटनिंग ओर subvisible discharges कुछ ऐसे मॉलिक्यूल्स पैदा करते है जो वातावरण में रहे ग्रीनहाउस गैस को कम करता है और एटमॉफिर को साफ रखने में मदद करता है.

एक रिसर्च में पता चला है कि, लाइटनिंग ओर सबवीसीबल डिस्चार्ज (subvisible discharges) कुछ ऐसे मॉलिक्यूल्स पैदा करते है जो वातावरण में रहे ग्रीनहाउस गैस को कम करता है और एटमॉफिर को साफ रखने में मदद करता है. ओर ये यूनाइटेड स्टेट्स में स्थित एक यूनिवर्सिटी, pann state university के वैज्ञानिकों द्वारा प्रकासित किये गए रिसर्च में ये बात सामने आई है. 

आसमानी बिजली वातावरण में नाइट्रोजन ओर ओक्सीजन के अणु ओ को तोड़ देती है। ओर एक reactive chemical बनाती है जो ग्रीनहाउस गेस को एफेक्ट करता है। पर अब कुछ वैज्ञािकों ने खोजा है कि लाइटनिग बोल्ट्स (bolts) और बिजली के सबवेविजिबल डिस्चार्ज जिसे नाही कैमरों ओर नाही नग्न अखोज देख सकते है वो अत्यधिक मात्रा में हाइड्रॉक्सिल रेडिकल -- OH - और Hydroperoxyl रेडिकल -- HO2 का उत्पादन होता है। 




वातावरण में Hydroperoxyl रेडिकल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कुछ ऐसी रासायनिक प्रतिक्रियाओं को शुरू करता है जो ग्रीनहाउस गैस जैसे कि मीथेन के अणुओं को तोड़ता है। और हाइड्रॉक्सिल रेडिकल -- OH को वायुमंडल के कई संरचनागत परिवर्तनों का मुख्य चालक माना जाता है।

ScienceDaily में छपे आर्टिकल मे penn state university के प्रोेसर विलियम एच ब्रुन न ने कहा है कि जब सरुआत में उनको OH और HO2 संकेतों को देखा तो लगा कि सायद उपकरण में कोई गड़ बड़ी हो गई है, इसी लिए अन होने इसे अपने डेटासेट से विशाल संकेतों को हटा दिया और बाद के अध्ययन के लिए उन्हें आश्रय दिया।"

वो डेटा 2012 में कोलोराडो और ओक्लाहोमा के ऊपर उड़ाए गए विमान से थे जो अन रासायनिक परिवर्तनों को देखने केलिए था जो गरज ओर बिजली को बनाते है। 

पर कुछ साल पहले ब्रुन न ने वो देता लिया ओर देखा कि वो सिग्नल तो हाइड्रॉक्सिल और Hydroperoxyl थे। फ़िर वो फिर एक स्नातक छात्र और सहयोगी के साथ इस काम म में लग गए कि क्या ये स्पार्क और सबवेविजनल डिस्चार्ज को प्रयोगशाला निर्मित किए जा सकते हैं। ओर तब उन्होंने थंडरस्ट्रॉम और लाइटनिंग डेटासेट का रेनैलिसिस किया।

शोधकर्ताओं ने 29 अप्रैल को Science First Release और the Journal of Geophysical Research - Atmospheres मे अपनी रिपोर्ट रिलस किए। 

पहले लोगो को सिर्फ बिजली के बोल्ट में दिलचस्पी थी क्यों की वो जमनी से क्या ही कर सकते है। अब गरज के साथ कमजोर बिजली के डिस्चार्ज में दिलचस्पी बढ़ रही है जिन में से बिजली के बोल्ट निकलते है। 

अधिकांश बिजली कभी भी जमीन से नहीं टकराती, और बादलों में रहने वाली बिजली ऊपरी वातावरण में ओजोन और महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस को प्रभावित करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस का ज्ञात था कि बिजली हाइड्रॉक्सिल और हाइड्रोप्रॉक्सील बनाने के लिए पानी को विभाजित कर सकती है, लेकिन यह प्रक्रिया पहले कभी भी गरज के साथ नहीं देखी गई थी। 

शरुआत मेंं अनको लगा कि विमान न ने उस जगह से हाइड्रॉक्सिल और हाइड्रोपरॉक्सिल के उच्च स्तर दर्ज किए जहा नाही विमान ओर नाही जमीन से बिजली दिख रही थी। लेकिन बाद में लेब में किए गए प्रयोग में पता चला कि कमजोर विद्युत प्रवाह (कमजोर लाइटिंग) , दृश्यमान बिजली की तुलना में बहुत कम ऊर्जावान होती है। बावजूद इस के ये सामान गटकोका उत्पादन कर सकते है।

जब शोधकर्ताओं ने HO और HO2 को सबविज़नल लाइटनिंग वाले क्षेत्रों में पाया, उन्हें ओज़ोन के कम सबूत और नाइट्रिक ऑक्साइड का कोई सबूत नहीं मिला, जिसे बनाने के लिए दृश्यमान बिजली की आवश्यकता होती है। यदि अदृश्य बिजली नियमित रूप से होती है, तो हाइड्रोसील और हाइड्रोपरोक्सिल ये विद्युत घटनाएं वायुमंडलीय मॉडल में शामिल करने की आवश्यकता पैदा करती हैं। जो कि वर्तमान में, वे नहीं हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले सभी तूफानों में बिजली उत्पन्न करने वाली OH, वैश्विक वायुमंडलीय OH ऑक्सीकरण के लिए अत्यधिक अनिश्चित लेकिन पर्याप्त 2% से 16% तक जिम्मेदार हो सकती है।"

बाकी अभी इस पर ओर भी रिसर्च होनी बाकी है, ये तो सिर्फ कोलोराडो और ओक्लाहोमा के डेटा पर से अंदाजा लगाया है। ज्यादातर thunderstorms तो कटिबंधों में होती है। ओर उच्च मैदानी तूफानों की पूरी संरचना भी उष्ण कटिबंधों की तुलना में अलग है। स्पष्ट रूप अभी इस अनिश्चितता को कम करने के लिए अधिक विमान माप की आवश्यकता होगी।

Source :- www.sciencedaily.com

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