अब कोई भी इंसान गायब हो सकता है। is it possible to become invisible in Hindi

क्या कोई ऐसा उपकरण है जिससे इंसान को घायल किया जा सके?

अपने कभी बचपन में मिस्टर इंडिया और हैरी पॉटर मूवी देखी  होगी। चीन में लोग गायब हो सकते हैं। आपने कभी ना कभी सोचा होगा कि काश मेरे पास भी मिस्टर इंडिया जैसी घड़ी और हैरी पॉटर जैसा क्लॉथ होता तो मैं भी गायब हो सकता। लेकिन जब आप बड़े हो जाते हैं तब आप समझ जाते हैं कि यह कोई सच्चाई नहीं बल्कि यह कहानी है।

लेकिन आज अगर मैं कहूं कि इंसान वाकई में गायब हो सकता है तो आप मुझे क्या कहेंगे क्या तू पागल तो नहीं हो गया। या हमें बेवकूफ बना रहा है। लेकिन दोस्तों ना मैं पागल हूं ना आप को बेवकूफ बना रहा हूं। एकदम सच्चाई है जिसमें जर्मनी के वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। यानी कि अब वैज्ञानिकों के पास इंसान को गायब करने का फॉर्मूला आ चुका है। तो चलिए बिना टाइम जया की शुरू करते हैं।

तो पहले तो आप यह जान लो कि हम इंसान किसी ऑब्जेक्ट को यानि की किसी वस्तु को हमारी आंखें कैसे देख सकती है। आँखें बिल्कुल कैमरे की तरह काम करती है। जब भी प्रकाश किसी भी ऑब्जेक्ट पर पढ़कर परावर्तित होता है। तब आंखों में रहा कॉर्निया यानी कि नेत्रपटल उस प्रकाश को अपने अंदर लेता है। और पुपिल के माध्यम से प्रकाश आंखों के अंदर जाता है। पुपिल यानी कि आंखों के बीच में जो काला डॉट होता है। उसे पुपिल कहते हैं। और वह प्रकाश छवि के रूप में रेटिना पर पड़ता है। और रेटिना से वह छवि सीधी दिमाग पर पहुंचाई जाती है। तब जाकर हम किसी ऑब्जेक्ट को देख सकते हैं। यानी कि प्रकास किसी ऑब्जेक्ट पर पढ़कर रिफलेट होता है, तब हम किसी भी ऑब्जेक्ट को देख सकते हैं।

क्या हो जब किसी प्रकाश को किसी ऑब्जेक्ट से रिफलेट ना किया जाए। कॉमन सी बात है उस ऑब्जेक्ट को हम नहीं देख पाएंगे। जो प्रकाश आकर हमारे आंखों में प्रवेश ता था वह प्रकाश ही नहीं आएगा तो हम क्या देखेंगे। घंटा! 😂😂  तो यह बात यहां पर खत्म नहीं होती। ऐसी कौन सी वस्तु होगी जहां से प्रकाश रिफलेट ना हो सके। क्योंकि अदृश्य होने के लिए प्रकास को रिफलेट ना करें इस प्रकार की ऑब्जेक्ट की जरूरत पड़ेगी।

तो वैज्ञानिकों ने बहुत सारी मेहनत से एक ऐसा क्लॉथ यानी कि कापड तैयार किया है। जिसे इंसान अदृश्य हो सकता है। यह कापड मेटा मटेरियल से बना हुआ है। मेटा मैटेरियल वह होते हैं। जीन की प्रॉपर्टी नॉरमल मैटेरियल से नहीं मिलती। यह नॉर्मल मैटेरियल से अलग होते हैं। इस मटेरियल पर उन्होंने पोटोनीट किसतल का उपयोग किया है। यह कैसा मैटेरियल है जिस पर रोशनी पड़ती है, तो वह रोशनी की दिशा ही बदल देता है। जब साइंटिस्टो ने रिसर्च की तब इनविजिबल क्लॉथ को ऑब्जेक्ट पर डाला गया तब उन्होंने पाया कि उसने रोशनी को डिफलेक्ट कर दिया। जिससे उस ऑब्जेक्ट को देखना हुमन आई के लिए इंपॉसिबल हो गया।

हालांकि इसकी साइंस माइक्रोस्कोपिक है। यहां रिसर्च 2015 में की गई थी। आज साइंटिस्ट्स इसके बड़े वजन को बनाने में लगे हुए हैं। जब आ जाएगा तबतब उसका तब क्या इस्तेमाल करेंगे वह नीचे कमेंट बॉक्स में मुझे जरूर बताइएगा। 

किन्तु उसमे एक प्रॉब्लम है कि इसमें सामने से तो व्यक्ति गायब हो जाता है किन्तु साइड और पीछे से व्यक्ति दिखाई देता है.

आगे से गायब होने के पीछे का विज्ञान जान लिया है। लेकिन अगर रौशनी उस पिंड पर पड़ने के बाद वापस आई और किसी व्यक्ति की नजरों पर पड़ी तो व्यक्ति उस पिंड को देख पाता है. तो इस तरह देखा जाए तो गायब होने का कोई पुख्ता तरीका अभी तक नहीं बना है और ये रहस्य अब भी एक रहस्य ही है. ,ओर इस के रहस्य सुलझाने के लिए वैज्ञानिक अभी भी खोज कर रहे है। मैंबी कुछ सालों में उसका बड़ा वर्जन मार्केट में मिलने लगेगा।

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