can plants grow in artificial light || क्या आप artificial light में पौधे उगा सकते हैं?

क्या आप artificial light में पौधे उगा सकते हैं? can we grow plants without sunlight?

दोस्तो हम सब जानते है कि एक पेड़ को जीने केलिए कार्बन डाइऑक्साइड और कुछ पानी की आवश्यकता होती है। और इस खाने को पकाने केलिए पौधे को कुछ ऊर्जा की भी आवश्यकता होती है, जो इसे सूर्य से मिलती है। दुर्भाग्य से, सूर्य पृथ्वी के हर हिस्से में पूरे साल उज्ज्वल नहीं राहेता। पृथ्वी के उत्तरिय ध्रुव आइसलैंड और फ़िनलैंड, या दक्षिण में अंटार्कटिका में सूर्य की उपस्थिति दिन में बहुत ही कम हो ती है। हालाकि उनका हो 6 महिना दिन और 6 महिना रात वाला सीन है। 

can plants grow in artificial light


What do plants need to grow? / पौधों को बढ़ने केलिए क्या आवश्यक है?


 यह कहना वास्तव में असत्य होगा कि पौधों को प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य की आवश्यकता होती है। photosynthesis शब्द मूल ग्रीक शब्द है 'फोटो' यानी कि प्रकाश और 'synthesis' यानी के एक साथ रखना। दूसरे शब्दों में कहें तो पौधों को वास्तव में प्रकाश संश्लेषण / photosynthesis की आवश्यकता होती है, सूर्य के प्रकाश की नहीं। विशेष रूप से कहे तो, उन्हें फोटॉन की आवश्यकता होती है।

फोटॉन वे कण होते हैं जो प्रकाश में होते है, या Actually वो कण जो प्रकाश बनाते हैं। फोटॉन एक तरह के बब्ल जैसे होते है और इन में एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा होती है, जिसे फोटॉन एनर्जी कहते हैं। जब कोई फोटॉन किसी पौधे से टकराता है, तो वो फट जाता है और उस वस्तु पर अपनी ऊर्जा लगाता है।

सूरज की किरणें एक फ्री फोटॉन आपूर्ति हैं, जो जीवन के पहले से ही अस्तित्व में हैं। बाद में जीवन अस्तित्व में आया और इस विपुल स्रोत का उपयोग कर जीवित रहने में कामयाब रहा। वैल पौधे भी उन प्रारंभिक जीवों में से हैं जो photosynthetic शैवाल से विकसित हुए हैं। 

कई अरबों साल बाद इंसान भी मैदान में आया और उसने पता लगाया कि प्रकाश कैसे बनाते है। पहले आग और फिर गरमागरम बिजली के बल्ब का आविष्कार कर खुद से प्रकाश बनाया।

अब बात आती है पोधोकी तो प्रकाश चाहे कहीं से भी अरहा हो, सभी प्रकाश फोटॉनों से ही बना है। इस लिए कहे सकते है Artificial Light भी आपके पौधों को बढ़ने के लिए सक्षम हैं। इस लिए आप अपने मनी प्लांट पर बल्ब लगा सकते हो, उम्मीद है कि इस से वह स्वस्थ और मजबूत रहे। 

Sunlight vs Artificial light.


रहे क्यों की Artificial Light और सूरज की रोशनी के बीच कुछ प्रमुख अंतर होता हैं। हमने जानते है कि सफेद प्रकाश प्रकाश के सभी रंगों से मिलकर बना है, लेकिन सफेद प्रकाश के अंदर भी, wavelength की संरचना में सूक्ष्म अंतर हो सकता हैं। कृत्रिम प्रकाश में उतना लाल और नीला प्रकाश नहीं होता जितना सूरज के प्रकाश में होता है। और अलग अलग wavelength वाले प्रकाश में photons की ऊर्जा भी अलग अलग होती है। हरे पौधे लाल और नीले wavelength से ऊर्जा को absorb करते है, और हरे और पीले प्रकाश को रिफ्लेक्ट करते है और यही कारण है कि पौधे हरे दिखाई देते हैं।

किसी भी कृत्रिम प्रकाश के मुकाबले सूर्य प्रकाश अधिक तीव्र होता है। सूर्य की ये उच्च तीव्रता पौधों के लिए सब से ज्यादा अनुकूलित है। उच्च तीव्रता का मतलब यह भी है कि पौधे अधिक फोटॉन से टकरा ते है, जिस से वो अधिक प्रभावी ढंग से प्रकाश संश्लेषण कर सकते है।


Artificial light that helps plants grow indoors / कृत्रिम प्रकाश जो पौधों को घर के अंदर बढ़ने में मदद करता है


लेकिन इस से हम इंसानों को कोई फर्क नहीं पड़ता। कहेते है ना आवश्यकता सभी आविष्कारों की जननी है, ठीक वैसा ही इस क्षेत्र में भी हुआ। Artificial light अब specially पौधों को बढ़ने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई। वैसी जैसी सूरज की रोशनी में होती है।

 Artificial light में LEDs सबसे अच्छी होती है, वो स्पेक्ट्रम के लाल और नीले हिस्से के प्रकाश को निकालने में सबसे कुशल होती है। And more important they are also more energy efficient.

 ये research केलिए फसल उगाने में काफी मदद गर है। और भविष्य में शायद हमारे लिए भी क्यों कि जिस तरह से हमारी आबादी बढ़ रही है और खेती कि जमीन पर बिल्डिंगे बन रही है इस में इनडोर फार्मिग में ये हमारी जरूर मदद कर सकता है। (साथ मे पोधो को घर में उछेर ने में भी काफी मदद गार रहे गा। जिस से आप के रूम का वातावरण भी शुद्ध रहेगा।)

पौधों पर कृत्रिम प्रकाश का प्रभाव / Impact of artificial light on plants


प्रकाश संश्लेषक रूप से, कृत्रिम प्रकाश पौधे की जरूरतों को पूरा कर सकता है, लेकिन पौधे प्रकाश संश्लेषक के अलावा भी लाइट क इस्तमाल करते है जैसे कब जागना है कब सोना है कब मु... ना मूतना नहीं..😜😜 वैसे इस से याद आया पृथ्वी पे मौजूद हर चिन फिर वो निर्जीव हो या सजीव सबका import and export होता है इस हिसाब से पेड़ो का क्या होना चाहिए। ऑक्सीजन! अबे यार नहीं। विडियो बहुत गंदा होता हा रहा है, पर हेभी यही पेड़ वेस्ट प्रोडक्ट की तौर पर ऑक्सीजन फेंकते हैं। खेर जो भी हो लेकिन पौधे लाईट का इस्तमाल प्रकाश संश्लेषक के अलावा भी करते है। पौधों में एक आंतरिक जैविक घड़ी होती है जो पूरे दिन सूर्य की गति के अनुसार समयबद्ध होती है। और ये जैविक घड़ी जिमेदर होती है सूरजमुखी के सूरज को फॉलो करने को। 

एक पौधों पे किए गए एक्सपेरिमेंट से पता चला कि अलग अलग रग के प्रकाश में पौधों कि ग्रोथ भी अलग अलग होती है। लाल LED के नीचे उगाए गए पौधे की ग्रोथ बाकी रंग की LED के मुकाबले ज्यादा हुई थी।


#My opinion


विज्ञान अभी इस चीज पर संशोधन कर रहा है कि कैसे artificial light sun light का एक विकल्प बन जाय। हममें से जो अपार्टमेंट में रहते हैं, उन्हें सूर्य प्रकाश की बहुतायत प्राप्त नहीं होती है, वहाँ पे ये एक सस्ता उपाय बन सकता है लेकिन याद रहे ज्यादा लाइट खराब साबित हो सकता है। इन कृत्रिम विकल्पों के साथ भी, सूरज की रोशनी पौधे को मिल सके तो और अच्छा रहेगा। 

बाकी आप को क्या लगता है artificial light को sun light के option के तौर पे देखा जा सकता है या नहीं। हमे कॉमेंट कर के जरूर बताए। जाय हिन्द।।

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