पृथ्वी पर जीवन कैसे आगे बढ़ा। Evolution of life on earth in Hindi


तो पिछले अर्टिक्ल में हमने जाना कि पृथ्वी पर जीवन की सरूआत केसे हुई अब आज हम जनेगे की केसे ये जीवन पृथ्वी पर विकास किया और केसे वो अलग अलग रूप लेके एक इंसान बना। इन सब को समझने केलिए एक थ्योरी बनाई गई है जो है  एवेल्यूशन थ्योरी। तो चलिए इस थ्योरी की मदद से जानते है कि केसे इस धरती पर जिवोका विकास हुआ।
तो 40 करोड़ साल पहले जीव आगे बढ़ ने को रेडी हो गए। वो समन्दर से बाहर आय इन में से पहला था एम्फीबियंस। एम्फीबियंस अर्थात "उभयचर" जो जीव जमीन और पानी दोनों में रहे सके जैसे कि मेड़क।  उभयचर में से रेप्टाइल्स अर्थात सरीसृप बने। और ये सरीसृप बिना पानी के जीना सीख लिया जिस से उनका पानी से संपर्क टूटने पर वो धरती की दूसरी जगहों पर बसने लगे। लेकिन अभी एक बड़ी मुसीबत करनी बाकी थी।

डायनासोर के जन्म और विनाश की कहानी। dinosaur history in Hindi


25 करोड़ साल पहले एक बहुत बड़ी तब आई आई, अचानक से पृथ्वी पर की सारी ज्वालामुखी सक्रिय हो गई। जिसकी वजह से पृथ्वी के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड भर गई। और इस एक्सप्लोजन को कहां गया कैंब्रियन एक्सप्लोजन। इस एक्सप्लोजन के बाद धरती पर अलग-अलग जीवो का विकास शुरू हुआ था वो थम गया। इस एक्सप्लोजन की वजह से पृथ्वी पर रह रही 70% प्रजातियां खत्म हो गई। पृथ्वी पर इस तरह के विनाश तो होते ही रहते हैं। पिछले 50 करोड़ साल में कम से कम 5 बार ऐसी तबाही आई है जिससे सबसे अहम प्रजाति खत्म हो गई।



लेकिन इससे मौका मिला बची हुई प्रजाति को विकसित होने का, और एक नई प्रजाति पैदा हुई। छोटी डायनासोरस की अगले 16 करोड़ साल तक डायनासोर पृथ्वी पर राज करते रहे। और उसी दौर में पृथ्वी पर सख्त लकड़ी के जंगल भी पैदा होने लगे। 

डायनासोर के शुरुआती काल में पृथ्वी की सारी जमीन एक ही जगह पर जमा थी, जिसे  पैंजिया कहा जाता था। लेकिन अब वह जमीन अलग होने लगी थी और सारे कॉन्टिनेंट एक दूसरे से अलग जाने लगे थे। और उस वक्त भी डायनासोर का ही राज था। हम अगर अपनी जोड़ो को ढूंढें नहीं की कोशिश करें तो स्तनधारी इन बड़े विशाल से डायनासोर से अपनी जान ही बचा रहे थे और जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रहे थे। लेकिन अब बाजी फिर से पलटने वाली थी।

सादे छे करोड़ों साल पहले एक 10 किलोमीटर बड़ा एस्ट्रॉयड धरती से जा टकराया। और इस टकराव की वजह से धूल के बादल वायुमंडल में फैल गए जिस से सूरज की रोशनी डर गई। और तापमान बहुत ही ज्यादा गिर गया पृथ्वी पर रह रहे 25 किलो से ज्यादा हो जिनके ज्यादातर जियो मारे गए। डायनासोर का का काल और उनका राज खत्म हो गया। 

डायनासोर का विनाश और स्तनधारियों का विकास की कहानी।


और इनकी मौत से स्तनधारियों को विकसित होने का मौका मिला। डायनासोर के खत्म होने के कुछ ही साल में पहला वानर पैदा हुए। जो कि एक सही मायने में वानर था। लेकिन इस वक्त पृथ्वी बहुत गर्म थी पृथ्वी के ध्रुवों पर भी जंगल थे। फिर कुछ करोड़ों साल बीतने लगे, टेक्टोनिक प्लेट अपनी जगह लेने लगी जिससे हिमालय जैसे बड़े-बड़े पर्वतमाला का निर्माण होने लगा। यह पर्वत इतनी ऊंची थी कि जिससे मौसम का पैटर्न बदलने लगा। गर्म हुई पृथ्वी भी ठंडी होने लगी थी। पनामा का  पनामा के इस्थूमस अब साउथ और नॉर्थ अमेरिका को जोड़ने लगा था। जिस वजह से अटलांटिक और पैसेफिक एक दूसरे के करीब आए। और इस वजह से समंदर में उफ़ान आ गया। और दुनिया आइस एज की ओर जाने लगी। लेकिन उस वक्त हमारे पूर्वज वानर गर्म इलाकों में रहते थे। लेकिन उनके लिए अब एक मुसीबत सामने आने वाली थी जो भी घास के मैदान। दुनिया में सभी जगह घास के मैदान फैलने लगे थे। किस वजह से पेड़ों के बीच दूरी बढ़ने लगी थी। और वानरों को खाने की कमी होने लगी थी, इनमें से कुछ वानरों ने महसूस किया कि एक ही पेड़ पर बहुत ही सारे वानर है। इस वजह से उन्हें खाने की कमी हो रही है, तब वह लोग इन पेड़ को छोड़ कर आगे बढ़ने लगे। 

अब आगे आने वाले ब्लॉग में हम आपको बताएंगे हमारे आदमखोर पूर्वजों का इतिहास। कि वह कैसे और किस हालात में से अपने आप को बदल कर आज की इतनी विकसित प्रजाति बन पाई। हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हमारा टेलीग्राम चैनल और इंस्टाग्राम पर भी जरूर फॉलो करें। ताकि हमारे आने वाले आर्टिकल की ताजा अपडेट आप तक पहुंचती रहे।

Telegram channel:- click here...

Instagram page:- click here...

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां