हाथों में लकीरें क्यों होती है? साइंटिफिक रीजन।

दोस्तों आपने कभी सोचा है, की हमारे हाथों में लकीरें क्यों होती है। क्या सच में हम इससे अपना भविष्य देख सकते हैं। 

दरअसल दरअसल लकीरों का हाथों में बनने के पीछे का इसका सिंपल सा फैक्ट है हाथों का लचीलापन। हमारी हथेलियों की रेखाओं को साइंटिफिक रूप से पामर फ्लेक्सियन क्रिएशन(palmar flexion creases) के नाम से जाना जाता है। और वे हमें हाथों की त्वचा को बिना किसी खिंचाव के काम करने में मदद करती है। क्योंकि हाथों में जो लकी रे हैं, उनमें से ज्यादातर गट लकीरें आप के हड्डियों के जॉइंटस पर होंगी।

जिससे आप अपने हाथों की मूवमेंट को बड़ी आसानी से कर सकते हैं। और ये रेखाए गर्भधारण के 12 वें सप्ताह के आस-पास, जब शिशु गर्भ में रहता है, तब ये रेखा ये बनने लगती हैं। हम सभी इन हथेली की रेखाओं के साथ पैदा हुए हैं। 

उनका प्राथमिक कार्य केवल हथेली की त्वचा को बिना दर्द के मुट्ठी बनाने और हाथ चलाने में मदद करना है। हमारा हाथ निर्विवाद रूप से शरीर के सबसे कठिन काम करने वाले अंगों में से एक हैं। आप अपने रोज के किए जाने वाले कामो के बारे में सोचो। सोचो आप दिन में कितनी बार हाथ चलाते हो। और कितनी बार मोड़ते हैं या मुट्ठी बनाते हो। ऐसे में अगर आपका हाथ फ्लैट होता तो क्या होता। यकीनन काफी मुश्किलें आती हाथों को मोड़ने में। अगर आपको यकीन नहीं आता तो अपने हाथों की पीछे की जो त्वचा है, इसे इस तरह फोल्ड करने की कोशिश करो।

और अब आगे की त्वचा पर यह ट्राई करो। क्या महसूस हुआ... ये जो लकीरें है ना वो जॉइंट की तरह काम करती है।  अगर हमारे हाथों में लकीरें नहीं होती तो हमें बहुत सारा दर्द सहन करना पड़ता। और जितना तेजी से हम आज चला पाते हैं ऐसा शायद ही चला पाते।

बाकी तो बोलने वाले बहुत कुछ बोलते हैं, ये तो आपको डिसाइड करना होगा कि आपको किस पर यकीन करना है। याद रखना भाइयों हमारी किस्मत हमारे हाथों में है हमारे लकीरों में नहीं। जो भी करना है अपनी खुद की मेहनत से करो, जिनको खुद को पता नहीं कि उनके साथ अगले सण क्या होने वाला है वह आपका भविष्य क्या बताएगा। ये लोग सिर्फ हमको दरा के पैसा इकट्ठा करते हैं। बोल देंगे आप का मृत्यु का योग बन रहा है। इस योग को उतारने के लिए आपको ये खरीदना पड़ेगा वो दान करना पड़ेगा।  सनी का साया है मंगल का पडछाया है। अरे मेरे भाई, अगर आप ये सब कर सकते हो तो बॉर्डर पर हमारे कई जवान शहीद होते हैं उनको क्यों नहीं बचा लेते। यह सब एक तुके का विज्ञान होता है, लग गया तो लग गया नहीं तो आपने उनकी बात को ठीक से अमल नहीं किया होगा। खैर अब आप पर है आपको किन पर यकीन करना है। पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्त के साथ शेयर करना ना भूलें।

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